शाहाबाद तहसील क्षेत्र में अवकाश के दिनों में आयोजित किए जा रहे शिविरों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को लेकर कर्मचारी संगठनों ने विरोध जताया है। ग्राम विकास अधिकारी संघ, पटवारी संघ और कृषि पर्यवेक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर छुट्टी के दिन शिविर आयोजित नहीं करने और कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं बुलाने की मांग की।
तीनों कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों का कहना है कि अवकाश के दिन कर्मचारियों को शिविरों में ड्यूटी के लिए बुलाने से उन्हें व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही नियमित कामकाज की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
तीन कर्मचारी संघों ने जताया विरोध
ग्राम विकास अधिकारी संघ, पटवारी संघ एवं कृषि पर्यवेक्षक संघ के प्रतिनिधि एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को निर्धारित कार्यदिवस के अलावा अवकाश के दिन भी शिविरों में ड्यूटी के लिए भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि लगातार अवकाश के दिनों में ड्यूटी लगाए जाने से कर्मचारियों को आराम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए समय नहीं मिल पाता।
कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि शिविरों के आयोजन के लिए नियमित कार्यदिवसों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सरकारी कामकाज भी प्रभावित न हो और कर्मचारियों को अवकाश के दिन ड्यूटी करने की स्थिति से बचाया जा सके।
कर्मचारियों पर बढ़ रहा काम का दबाव
संघ पदाधिकारियों के अनुसार विभिन्न विभागों के कर्मचारी पहले से ही अपने नियमित कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में अवकाश के दिन शिविरों में अतिरिक्त ड्यूटी लगाए जाने से काम का दबाव और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अवकाश के दिन ड्यूटी पर बुलाने से एक तरफ विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों को अपने परिवार और निजी आवश्यकताओं के लिए मिलने वाला समय भी कम हो जाता है।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन से तत्काल इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जा सकता है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अवकाश के दिन शिविरों में लगातार ड्यूटी लगाने की व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब कर्मचारियों की नजर प्रशासन के रुख पर है। यदि प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई निर्णय लिया जाता है तो स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में कर्मचारी संगठनों की ओर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद शाहाबाद तहसील क्षेत्र में अवकाश के दिन शिविरों में कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर मामला चर्चा में है।




