राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 की पुनः परीक्षा रविवार, 20 सितंबर 2026 को आयोजित की जा रही है। परीक्षा को लेकर आयोग ने अभ्यर्थियों की पहचान और नकल रोकने के लिए कई सख्त व्यवस्थाएं की हैं। इस बार परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस रिकग्निशन के जरिए अभ्यर्थियों की पहचान की जाएगी।
2.18 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
RPSC SI री-एग्जाम में करीब 2 लाख 18 हजार 131 अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। परीक्षा के लिए राजस्थान के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 187 केंद्र हैं। इसके अलावा अजमेर, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली में सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। दूसरी पाली में सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन से पहचान
री-एग्जाम में फर्जी अभ्यर्थियों और नकल की संभावनाओं को रोकने के लिए पहचान प्रक्रिया को सख्त रखा गया है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन के माध्यम से पहचान की जाएगी। इसके साथ ही प्रवेश के दौरान बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लेकर भी सख्ती रहेगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर रोक रहेगी। हाईटेक तरीके से नकल करने वाले उपकरणों की जांच के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना जरूरी
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना जरूरी होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड पर दिए गए परीक्षा केंद्र के पते को पहले से जांच लेने और यात्रा में लगने वाले समय को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है। RPSC ने परीक्षा केंद्र की लोकेशन को लेकर भी अभ्यर्थियों को सावधानी बरतने को कहा है। केवल ऑनलाइन मैप पर निर्भर रहने के बजाय एडमिट कार्ड पर दिए गए पते को पहले से देख लेने से परीक्षा के दिन किसी परेशानी से बचा जा सकता है।
क्यों हो रही है SI भर्ती परीक्षा की दोबारा परीक्षा?
यह परीक्षा मूल रूप से SI भर्ती-2021 के तहत आयोजित की गई थी। बाद में इसे रद्द किए जाने के बाद पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। री-एग्जाम में मूल भर्ती परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर दिया गया है। इस संबंध में आवेदन और पहचान संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर RPSC ने पहले भी दिशा-निर्देश जारी किए थे।
अब 20 सितंबर को होने वाली परीक्षा के साथ करीब 2.18 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य इस री-एग्जाम से जुड़ा है। परीक्षा केंद्रों पर सख्त पहचान जांच, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस रिकग्निशन के जरिए परीक्षा की प्रक्रिया को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।




