भरतपुर : राजस्थान के भरतपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पंचायत समिति भुसावर में कार्यरत सहायक अभियंता (AEN) गोविंद प्रसाद को 30 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार करने के बाद एसीबी ने उसके आवास पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, चांदी की सिल्लियां और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने से मामला और गंभीर हो गया है।
30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था AEN
ACB के अनुसार, सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। आरोप था कि सरकारी कार्य से जुड़े दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और हस्ताक्षर करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।
14 सितंबर को की गई कार्रवाई के दौरान गोविंद प्रसाद को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद एसीबी ने आरोपी के आवास और उससे जुड़े ठिकानों पर नियमानुसार तलाशी शुरू की।
घर से 43 लाख से ज्यादा की नकदी बरामद
ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपी के घर की तलाशी में एसीबी को 43 लाख 38 हजार 500 रुपये नकद मिले। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद एसीबी ने इसके स्रोत और आरोपी की ज्ञात आय से इसके संबंध की जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम किस स्रोत से आई और क्या यह राशि आरोपी की घोषित आय और संपत्ति से मेल खाती है। मामले में वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
करीब 20 किलो चांदी की सिल्लियां भी मिलीं
नकदी के अलावा एसीबी को तलाशी के दौरान करीब 20 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां भी मिली हैं। रिपोर्टों के अनुसार चांदी की सिल्लियों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी इनके स्रोत, खरीद और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
एसीबी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चांदी आरोपी की वैध आय से खरीदी गई थी या नहीं। चांदी और नकदी से संबंधित दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर और हिंडौन की संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले
तलाशी के दौरान एसीबी को हिंडौन में स्थित दो दुकानों, जयपुर के मानसरोवर इलाके में हाउसिंग बोर्ड के एक मकान और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिलने की जानकारी सामने आई है।
अब जांच एजेंसी इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। एसीबी यह पता लगाएगी कि इन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व किसके नाम है और इन्हें खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या था। संपत्तियों और बरामद नकदी-चांदी का आरोपी की ज्ञात आय से मिलान भी किया जाएगा।
आय के स्रोत की जांच में जुटी ACB
इस पूरी कार्रवाई के बाद मामला सिर्फ रिश्वत लेने तक सीमित नहीं रह गया है। अब एसीबी बरामद नकदी, चांदी और संपत्ति दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की आर्थिक स्थिति और आय के स्रोतों की जांच कर रही है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच जारी है।




