उत्तराखंड के हरिद्वार से निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की मौत की खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय के खोखे में मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।
चाय के खोखे में मिला शव
पुलिस के अनुसार, भूपतवाला क्षेत्र में लालमाता मंदिर के सामने स्थित चाय के खोखे में एक व्यक्ति के फंदे पर लटके होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। मौके से मिले आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी जानकारी के आधार पर मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
हरिद्वार सिटी के अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और पंचनामा की कार्रवाई भी नियमानुसार की जाएगी।
कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था कोली
जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। वह भूपतवाला इलाके में चाय का खोखा चला रहा था। इससे पहले उसने रोशनाबाद इलाके में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर भी काम किया था। पुलिस अब उसके हाल के दिनों के संपर्कों, गतिविधियों और यहां रहने की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उसने भूपतवाला इलाके में कुछ दिन पहले ही चाय का खोखा शुरू किया था। पुलिस फिलहाल मौत के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
निठारी कांड से कैसे जुड़ा था नाम?
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में सामने आए चर्चित निठारी कांड से जुड़ा था। नोएडा के निठारी इलाके में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था। कोली उस समय पंढेर के घर में घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। इसके बाद कई मामलों में उसके खिलाफ मुकदमे चले और कुछ मामलों में उसे दोषी ठहराया गया था।
हालांकि, बाद में अदालतों में उसके खिलाफ कई मामलों में फैसले बदले। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2023 में उससे जुड़े 12 मामलों में उसे बरी किया था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इन बरी किए जाने के खिलाफ अपीलों को खारिज कर दिया। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को पलटते हुए उसे बरी कर दिया और उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
पुलिस जांच में जुटी
सुरेंद्र कोली की मौत के बाद पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। फिलहाल पुलिस आत्महत्या की आशंका के साथ मामले की जांच कर रही है और मौत की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।




